PM Fasal Bima Yojana 2026 के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनवरी 2025 में 69,515.71 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी है। इससे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2025-26 तक जारी रहेगी। 18 फरवरी 2025 को इस योजना के 9 साल पूरे हुए।
18 नवंबर 2025 को कृषि मंत्रालय ने 2 नए नियम जोड़े। पहला – जंगली जानवरों जैसे नीलगाय, जंगली सूअर, बंदर, हिरण से फसल नुकसान अब ‘स्थानीयकृत जोखिम’ में कवर होगा। दूसरा – धान का जलभराव फिर से योजना में शामिल किया गया। दोनों नियम खरीफ 2026 सीजन से पूरे देश में लागू होंगे।
क्लेम के लिए नुकसान की सूचना 72 घंटे के अंदर Crop Insurance App या टोल-फ्री 14447 पर देना जरूरी है। रबी 2025-26 के रजिस्ट्रेशन pmfby.gov.in पर शुरू हैं।
PM Fasal Bima Yojana 2026: सरकारी डेटा एक नजर में
| बिंदु | विवरण |
| शुरू हुई | 18 फरवरी 2016 |
| 2025-26 बजट | ₹69,515.71 करोड़ |
| प्रीमियम किसान का | खरीफ 2%, रबी 1.5%, बागवानी 5% |
| पूरा प्रीमियम कौन भरता | सरकार – केंद्र + राज्य मिलकर |
| क्लेम टाइम | नुकसान के 72 घंटे में सूचना जरूरी |
| 2026 में नया क्या | जंगली जानवरों का नुकसान + धान जलभराव कवर |
| कुल किसान जुड़े | 2024-25 में 4.19 करोड़ |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmfby.gov.in और NCIP पोर्टल |
PM Fasal Bima Yojana 2026 में 2026 से क्या बदला – जंगली जानवर अब कवर में
18 नवंबर 2025 को कृषि मंत्रालय के ऐलान के अनुसार अब जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसान को स्थानीयकृत जोखिम माना जाएगा।
शर्त 3 हैं:
- राज्य सरकार उस जानवर को अधिसूचित करेगी। उत्तर प्रदेश में नीलगाय, मध्य प्रदेश में जंगली सूअर लिस्ट में हैं।
- किसान को 72 घंटे के अंदर Crop Insurance App पर जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करनी होगी। पटवारी की रिपोर्ट भी लगेगी।
- ये नियम खरीफ 2026 से पूरे देश में लागू होंगे।
दूसरा बदलाव: धान जलभराव को फिर से स्थानीयकृत आपदा में जोड़ा गया है। 2018 में इसे हटाया गया था। तटीय राज्य – पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश के धान किसानों को सीधा फायदा होगा।
PM Fasal Bima Yojana 2026 का प्रीमियम कितना लगता है
किसान को बहुत कम देना होता है। बाकी सरकार भरती है।
| फसल | किसान का प्रीमियम | बीमित राशि उदाहरण | किसान देगा |
| खरीफ – धान, मक्का, बाजरा | बीमित राशि का 2% | ₹40,000 | ₹800 |
| खरीफ – कपास, सोयाबीन | 2% | ₹50,000 | ₹1000 |
| रबी – गेहूं | 1.5% | ₹27,500 | ₹412.50 |
| रबी – सरसों, चना | 1.5% | ₹30,000 | ₹450 |
| बागवानी – आलू | 5% | ₹1,72,300 | ₹8615 |
| बागवानी – प्याज | 5% | ₹80,000 | ₹4000 |
नोट: पूर्वोत्तर राज्य, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड के किसानों का पूरा प्रीमियम केंद्र सरकार देती है। किसान को जीरो देना है।
PM Fasal Bima Yojana 2026 में क्या-क्या नुकसान कवर होता है
PIB के अनुसार 5 तरह का रिस्क कवर है:
- प्राकृतिक आपदा: बाढ़, सूखा, चक्रवात, ओलावृष्टि, भूस्खलन, बेमौसम बारिश, बादल फटना।
- कीट और रोग: टिड्डी हमला, फॉल आर्मीवर्म, ब्लास्ट रोग, झुलसा रोग।
- कटाई के बाद नुकसान: फसल काटकर खेत में सुखाने रखी हो और 14 दिन के अंदर चक्रवात, बेमौसम बारिश से खराब हो जाए।
- स्थानीय आपदा: ओलावृष्टि, भूस्खलन, जलभराव, बादल फटना – व्यक्तिगत खेत के आधार पर। अब जंगली जानवर भी जुड़ गए।
- बुवाई न हो पाना: कम बारिश या प्रतिकूल मौसम से जिले के 75% किसान बुवाई न कर पाएं तो बीमित राशि का 25% तक मिलता है।
PM Fasal Bima Yojana 2026 Apply Online: राज्यवार Last Date 2025-26
रबी सीजन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हैं। Last Date हर राज्य की अलग है। pmfby.gov.in पर चेक करें।
| राज्य | फसल | Last Date रबी 2025-26 |
| उत्तर प्रदेश | गेहूं, सरसों | 31 दिसंबर 2025 |
| मध्य प्रदेश | गेहूं, चना | 31 दिसंबर 2025 |
| राजस्थान | सरसों, जौ | 15 दिसंबर 2025 |
| हरियाणा | गेहूं | 31 दिसंबर 2025 |
| पंजाब | गेहूं | 31 दिसंबर 2025 |
| बिहार | गेहूं, मक्का | 31 दिसंबर 2025 |
| महाराष्ट्र | ज्वार, चना | 15 दिसंबर 2025 |
Apply Online 3 तरीके:
- वेबसाइट: pmfby.gov.in – Farmer Corner → Guest Farmer → Apply for Crop Insurance।
- ऐप: AIDE ऐप या Crop Insurance App डाउनलोड करें। आधार OTP से लॉगिन। क्लेम के लिए भी यही ऐप जरूरी।
- CSC सेंटर: नजदीकी जन सेवा केंद्र जाएं। ₹30-₹40 शुल्क लगता है।
5 कागज तैयार रखें:
- आधार कार्ड – बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।
- खतौनी / नवीनतम जमीन के कागज। बटाईदार हैं तो बटाईनामा।
- बैंक पासबुक – IFSC कोड और खाता संख्या साफ दिखे।
- बुवाई प्रमाण पत्र – पटवारी/लेखपाल से सत्यापित।
- मोबाइल नंबर – OTP आएगा।
KCC वाले किसान ध्यान दें – PMFBY 2026 का नियम
जिन किसानों ने Kisan Credit Card लिया है, उनका बीमा बैंक अपने आप कर देता है। इसे ‘अनिवार्य कवरेज’ कहते थे।
अब नियम बदला: 2020 से PMFBY सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। KCC धारक अगर बीमा नहीं चाहते तो बैंक में फॉर्म भरकर ‘Opt Out’ कर सकते हैं। Last Date से 7 दिन पहले बैंक को लिखकर देना होगा।
अगर Opt Out नहीं किया तो बैंक प्रीमियम काट लेगा। इसलिए KCC वाले किसान बैंक पासबुक चेक करें।
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PM Fasal Bima Yojana 2026 में क्लेम कैसे मिलेगा – 72 घंटे का नियम
ये सबसे जरूरी हिस्सा है। 2024-25 में 80% क्लेम सिर्फ इस गलती से रिजेक्ट हुए।
स्टेप 1: 72 घंटे में सूचना दें। नुकसान होते ही Crop Insurance App खोलें। ‘Report Crop Loss’ पर क्लिक करें। 4 जियो-टैग फोटो खींचें – उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम। या टोल-फ्री 14447 पर कॉल करें। कॉल रिकॉर्डिंग होती है।
स्टेप 2: सर्वे होगा। बीमा कंपनी 48 घंटे में सर्वेयर भेजेगी। जिला कृषि अधिकारी, पटवारी साथ आएंगे। सर्वे रिपोर्ट Crop Cutting Experiment पर आधारित होगी।
स्टेप 3: पैसा सीधे खाते में। NCIP पोर्टल से DBT होता है। अब ‘DigiClaim’ मॉड्यूल से 21 दिन में पेमेंट का लक्ष्य है। आधार लिंक खाते में ही पैसा आएगा।
क्लेम रिजेक्ट होने की 3 बड़ी वजह:
- 72 घंटे में सूचना न देना।
- गलत Khasra नंबर या बैंक IFSC देना।
- अधिसूचित फसल के अलावा दूसरी फसल बोना।
PM Fasal Bima Yojana 2026 vs बिहार राज्य फसल सहायता योजना
| पॉइंट | PMFBY 2026 | बिहार राज्य फसल सहायता |
| टाइप | बीमा योजना – केंद्र की | सहायता योजना – राज्य की |
| प्रीमियम | 1.5% से 5% देना होगा | जीरो प्रीमियम |
| पैसा कितना | बीमित राशि पूरी। गेहूं ~₹27,500/हेक्टेयर | 20-50% नुकसान: ₹7500/हेक्टेयर। 50%+ नुकसान: ₹10,000/हेक्टेयर |
| कहाँ लागू | पूरे भारत | सिर्फ बिहार |
| जरूरी कागज | खतौनी, बुवाई प्रमाणपत्र | स्व-घोषणा पत्र चलता है |
मार्च 2026 में केंद्रीय कृषि मंत्री ने संसद में कहा – “अब एक किसान का भी नुकसान होगा तो बीमा कंपनी को देना पड़ेगा। पहले 33% नुकसान की शर्त थी, वो हटा दी।”
PM Fasal Bima Yojana 2026 के लिए टेक्नोलॉजी कैसे मदद करती है
सरकार अब सैटेलाइट और AI यूज कर रही है। इससे 3 फायदे:
- ड्रोन से नुकसान चेक: YES-TECH के तहत ड्रोन से फोटो ली जाती है। फील्ड में जाए बिना 10 गांव का सर्वे 1 दिन में।
- CCE-एग्री ऐप: फसल कटाई प्रयोग का डेटा मोबाइल से सीधे पोर्टल पर जाता है। पुराने समय में कागज में हेराफेरी होती थी, अब डिजिटल।
- CROPIC और WINDS: CROPIC से फसल की फोटो लेकर AI ग्रोथ स्टेज बताएगा। WINDS से गांव स्तर पर मौसम का रियल-टाइम डेटा मिलता है। इससे क्लेम तेज सेटल होते हैं।
इसी टेक्नोलॉजी की वजह से 2024-25 में 4.19 करोड़ किसान जुड़े – अब तक सबसे ज्यादा। गैर-ऋणी किसान 55% हैं।
PM Fasal Bima Yojana 2026 में कौन सी बीमा कंपनियां हैं
सरकार ने 2025-26 के लिए 18 बीमा कंपनियों को चुना है। कुछ मुख्य हैं:
| कंपनी का नाम | टोल-फ्री नंबर |
| AIC of India | 1800-116-515 |
| HDFC ERGO | 1800-266-0700 |
| ICICI Lombard | 1800-266-9666 |
| SBI General | 1800-102-1111 |
| Bajaj Allianz | 1800-209-5858 |
हर जिले में अलग कंपनी होती है। pmfby.gov.in पर ‘Insurance Company for My District’ से चेक करें।
PM Fasal Bima Yojana 2026 में फ्रॉड से बचें
- कोई एजेंट नहीं होता। PMFBY के नाम पर फोन करके पैसे मांगे तो 155260 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें।
- फर्जी वेबसाइट: सिर्फ pmfby.gov.in असली है। pmfby.org, pmfby.net, pmfby-yojana.in सब नकली।
- प्रीमियम कैश न दें। CSC पर भी UPI/Debit Card से पेमेंट करें। रसीद में URN नंबर जरूर लें।
- SMS अलर्ट: रजिस्ट्रेशन के बाद URN नंबर SMS से आएगा। न आए तो 14447 पर कॉल करें।
निष्कर्ष: PM Fasal Bima Yojana 2026 लेना चाहिए या नहीं
अगर खेती करते हैं तो बीमा लेना समझदारी है। रबी में गेहूं का ₹412 प्रीमियम है। 1 बीघा की DAP खाद का खर्च भी इससे ज्यादा है।
2026 में 2 फायदे एक्स्ट्रा: जंगली जानवर का नुकसान कवर होगा और धान जलभराव वापस जुड़ गया। मध्य प्रदेश सरकार ने बजट में ही ₹1,299 करोड़ दिए PM Fasal Bima Yojana के लिए।
Last Date न भूलें। हर जिले, हर फसल की अलग है। pmfby.gov.in पर ‘Calculate Insurance Premium, Know Your Last Date’ पर क्लिक करें। 72 घंटे वाला नियम याद रखें।
PM Fasal Bima Yojana 2026 से जुड़े सवाल
Q1. PM Fasal Bima Yojana 2026 की Last Date क्या है?
हर राज्य, हर फसल की अलग है। रबी 2025-26 के लिए ज्यादातर 31 दिसंबर 2025 है। राजस्थान में 15 दिसंबर है। pmfby.gov.in पर जिला सेलेक्ट करके देखें।
Q2. गैर-ऋणी किसान PMFBY ले सकते हैं? KCC नहीं है तो?
हाँ। सहभागिता 2020 से स्वैच्छिक है। 55% लाभार्थी बिना KCC वाले हैं। CSC या वेबसाइट से खुद Apply करें।
Q3. कटाई के बाद खेत में रखी फसल खराब हो जाए तो?
14 दिन तक कवर है। सिर्फ चक्रवात, बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि से नुकसान कवर होगा। 72 घंटे में ऐप पर सूचना दें।
Q4. जंगली सूअर गेहूं खा जाए तो क्लेम मिलेगा?
खरीफ 2026 से मिलेगा। शर्त: राज्य सरकार को ‘जंगली सूअर’ को अधिसूचित करना होगा और किसान को 72 घंटे में फोटो डालनी होगी।
Q5. PM Fasal Bima Yojana 2026 में कितना प्रीमियम लगता है?
खरीफ 2%, रबी 1.5%, बागवानी 5%। गेहूं ₹27,500 बीमा पर ₹412.50। पूर्वोत्तर राज्यों में जीरो।
Q6. क्लेम रिजेक्ट क्यों होता है? पैसा नहीं आया तो क्या करें?
72 घंटे में सूचना न देना। 2. गलत बैंक IFSC। 3. अधिसूचित फसल न बोना। पैसा न आए तो 14447 या अपनी बीमा कंपनी के टोल-फ्री पर कॉल करें।
Q7. PMFBY और मौसम आधारित बीमा RWBCIS में फर्क क्या है?
PMFBY उपज आधारित है – Crop Cutting से नुकसान नापते हैं। RWBCIS मौसम सूचकांक पर है – अगर बारिश कम हुई तो ऑटोमैटिक पैसा मिलता है। दोनों के जिले अलग हैं।
Q8. बटाईदार किसान बीमा ले सकता है?
हाँ। जमीन मालिक से बटाईनामा या सहमति पत्र लेकर Apply कर सकते हैं। बुवाई प्रमाण पत्र में बटाईदार का नाम होना चाहिए।
