PM Kusum Yojana 2026: खेतों में सस्ती बिजली और हर महीने कमाई, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया

By: Bablu Kumar

On: June 23, 2026

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PM Kusum Yojana 2026

PM Kusum Yojana 2026: भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ आज भी करोड़ों किसान सिंचाई के लिए महंगे डीजल और अनिश्चित बिजली पर निर्भर हैं। कभी बिजली की भारी कटौती, तो कभी महंगे डीजल के दाम हमारे किसान भाइयों की कमर तोड़ देते हैं। किसानों की इसी बड़ी समस्या को हमेशा के लिए दूर करने और उनकी आय में सुधार करने के लिए केंद्र सरकार की पीएम कुसुम योजना (PM-KUSUM) साल 2026 में एक नए और अपडेटेड रूप में काम कर रही है।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा संचालित इस योजना का लक्ष्य न केवल किसानों को मुफ्त सिंचाई देना है, बल्कि उन्हें बिजली बनाकर अतिरिक्त कमाई का जरिया देना भी है। इस आर्टिकल में हम आपको पीएम कुसुम योजना 2026 की पूरी सच्चाई, इसके तीनों घटकों (Components), सब्सिडी सटीक और आवेदन की पूरी प्रक्रिया विस्तार से बताएंगे।

पीएम कुसुम योजना 2026 क्या है? (What is PM-KUSUM Scheme)

प्रधानमंत्री कुसुम योजना की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा देश के किसानों को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करने और उनकी बंजर जमीन से अतिरिक्त कमाई के अवसर देने के लिए की गई है। इस योजना का मुख्य काम खेती में इस्तेमाल होने वाले डीजल और पारंपरिक बिजली पंपों को हटाकर उनकी जगह आधुनिक सोलर पंप (Solar Pumps) लगाना है।

साल 2026 में सरकार ने इस योजना का दायित्व बढ़ाते हुए देश के सभी राज्यों में सोलर पंपों के आवंटन को तेज कर दिया है ताकि किसानों को सिंचाई के लिए केवल ग्रिड की बिजली पर निर्भर न रहना पड़े। यह योजना पर्यावरण को बचाने के साथ-साथ किसानों की डीजल पर होने वाली भारी लागत को पूरी तरह खत्म कर देती है।

PM Kusum Yojana 2026: मुख्य हाइलाइट्स (Quick Facts)

मुख्य बिंदुआधिकारिक विवरण 
योजना का नामप्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (PM-KUSUM)
मंत्रालयनवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), भारत सरकार
ताजा बजट आवंटनवित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹5,000 करोड़
कुल सरकारी सहायता₹34,422 करोड़ की केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA)
नई डेडलाइन (Extension)प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ाई गई
कुल लाभार्थीअब तक देश के 21.77 लाख से अधिक किसान लाभान्वित
आधिकारिक वेबसाइटpmkusum.mnre.gov.in

पीएम कुसुम योजना के 3 स्तंभ (Components) और कमाई का जरिया

सरकार इस योजना को तीन अलग-अलग भागों (घटकों) में चला रही है, जिससे किसान न सिर्फ अपनी जरूरत की बिजली मुफ्त पा सकते हैं बल्कि ग्रिड को बिजली बेचकर अतिरिक्त कमाई भी कर सकते हैं:

1. घटक – A (Component A): खाली जमीन से कमाएं 25 साल तक फिक्स इनकम

  • उद्देश्य: किसानों की बंजर, रेतीली या कम उपजाऊ भूमि का सही इस्तेमाल करना।
  • कैसे काम करता है: किसान अपनी जमीन पर 0.5 मेगावाट (MW) से लेकर 2 मेगावाट तक का छोटा सौर ऊर्जा संयंत्र (Solar Power Plant) लगा सकते हैं।
  • कमाई का तरीका: इस प्लांट से जो बिजली बनेगी, उसे स्थानीय बिजली कंपनी (DISCOM) एक तय दर पर खरीदेगी। सरकार और किसान के बीच 25 साल का एग्रीमेंट (PPA) होता है, जिससे किसान को हर महीने घर बैठे एक निश्चित आमदनी होती है।

2. घटक – B (Component B): डीजल पंपों से हमेशा के लिए मुक्ति

  • उद्देश्य: उन ग्रामीण या दूर-दराज के इलाकों में सिंचाई की सुविधा पहुंचाना जहां बिजली के खंभे या ग्रिड नहीं हैं।
  • कैसे काम करता है: सरकार किसानों को खेतों में स्टैंडअलोन (ऑफ-ग्रिड) सोलर पंप लगाने के लिए भारी सब्सिडी देती है।
  • फायदा: किसानों को 3 HP, 5 HP और 7.5 HP या उससे अधिक क्षमता के सोलर पंप मिलते हैं। इससे महंगे डीजल का खर्च 100% खत्म हो जाता है और खेतों को दिन के समय मुफ्त पानी मिलता है।

3. घटक – C (Component C): बिजली वाले पंप को बनाएं ‘कमाई का जरिया’

  • उद्देश्य: ग्रिड से जुड़े मौजूदा बिजली के पंपों का सौरकरण (Solarisation) करना।
  • कैसे काम करता है: किसान के खेतों में पहले से मौजूद सरकारी ट्यूबवेल/पंप को सोलर पैनल से जोड़ दिया जाता है।
  • फायदा: दिन में किसान सूरज की रोशनी से मुफ्त सिंचाई करते हैं। जब सिंचाई की जरूरत न हो, तो राज्य की नीति के अनुसार अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दी जा सकती है।

PM Kusum Yojana Subsidy Structure: जानें सोलर पंप पर कितनी सब्सिडी मिलती है? 

पीएम कुसुम योजना की सबसे खास बात इसकी अनूठी फंडिंग संरचना (Funding Structure) है। इसमें लगने वाली कुल लागत को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ न पड़े:

  1. 60% सरकारी सब्सिडी: इसमें से 30% हिस्सा केंद्र सरकार (CFA के रूप में) देती है और 30% हिस्सा संबंधित राज्य सरकार वहन करती है।
  2. 30% बैंक लोन: बची हुई 30% राशि के लिए किसान को परेशान होने की जरूरत नहीं है। नाबार्ड (NABARD) और अन्य वाणिज्यिक बैंक इसके लिए बेहद कम ब्याज दर पर कृषि लोन की सुविधा प्रदान करते हैं।
  3. 10% किसान का हिस्सा: किसान को अपनी जेब से कुल लागत का केवल 10% हिस्सा ही एडवांस के रूप में जमा करना होता है।

विशेष छूट: पहाड़ी राज्यों (जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर), रेगिस्तानी इलाकों और उत्तर-पूर्वी (North-East) राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कुल सब्सिडी 80% से 90% तक दी जाती है। वहां किसान का हिस्सा और भी कम हो जाता है।

पीएम कुसुम योजना 2026 के लिए पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria) 

  • आवेदक अनिवार्य रूप से भारत का स्थायी निवासी और एक किसान होना चाहिए।
  • किसान के पास खेती योग्य या बंजर भूमि होनी चाहिए और सिंचाई के लिए पानी का एक वैध स्रोत (जैसे बोरवेल या कुआं) होना आवश्यक है।
  • तकनीकी शर्त (घटक-A के लिए): सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए किसान की जमीन स्थानीय बिजली सब-स्टेशन (33/11 KV) से अधिकतम 5 किलोमीटर के दायरे में होनी चाहिए, ताकि उत्पादित बिजली को ग्रिड तक आसानी से ट्रांसफर किया जा सके।

आवश्यक दस्तावेज (Important Documents for PM-KUSUM) 

  • आधार कार्ड
  • जमीन के आधिकारिक दस्तावेज (खतौनी / जमाबंदी)
  • बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक
  • चालू मोबाइल नंबर (जो आधार से लिंक हो)
  • पासपोर्ट साइज फोटो

PM Kusum Yojana Online Apply 2026: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? 

पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंपों का वितरण राज्यों के स्तर पर विकेंद्रीकृत (Decentralized) होता है। आवेदन की सही प्रक्रिया नीचे दी गई है:

  1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले भारत सरकार के आधिकारिक MNRE PM-KUSUM पोर्टल (pmkusum.mnre.gov.in) पर विजिट करें।
  2. राज्य की नोडल एजेंसी चुनें: होमपेज पर जाकर अपने राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए UP-NEDA, राजस्थान के लिए RRECL, बिहार के लिए BREDA) के आधिकारिक वेबसाईट पर क्लिक करें।
  3. पंजीकरण फॉर्म भरें: राज्य के पोर्टल पर ‘New Registration’ या ‘Apply for Solar Pump’ पर क्लिक करें और अपनी व्यक्तिगत व भूमि की जानकारी सही-सही दर्ज करें।
  4. दस्तावेज अपलोड करें: मांगे गए सभी दस्तावेज (आधार, खतौनी, बैंक डिटेल्स) को स्कैन करके साफ फॉर्मेट में अपलोड करें।
  5. टोकन मनी का भुगतान: आपका आवेदन सत्यापित और स्वीकार होने के बाद, आपको विभाग द्वारा सूचित किए जाने पर अपने हिस्से का 10% शुल्क (टोकन मनी) ऑनलाइन बैंकिंग या बैंक चालान के जरिए जमा करना होगा। इसके बाद आपके खेत में सोलर पंप लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

इन्हे भी पढे: Mukhyamantri Krishak Durghatna Yojana 2026: ऑनलाइन आवेदन, योग्यता और लाभ की पूरी जानकारी

हमारे विचार और ग्राउंड रियलिटी (My Personal Expert Advice)

यह योजना बेहद फायदेमंद है, लेकिन बेहतर परिणाम के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें: 

  • रखरखाव (Maintenance): सोलर पैनल पर धूल जमने से उसकी बिजली बनाने की क्षमता कम हो जाती है। बेहतर परफॉर्मेंस के लिए किसानों को हर हफ्ते पैनल को साफ पानी से धोना चाहिए।
  • बोरवेल का जलस्तर: सोलर पंप सुबह से शाम तक लगातार पानी दे सकता है, इसलिए ध्यान रखें कि आपके बोरवेल में पानी का स्तर (Water Level) अच्छा हो, ताकि मोटर ड्राई-रन (सूखी) न चले और आपकी मशीन सुरक्षित रहे।

पीएम कुसुम योजना की फर्जी वेबसाइट्स से कैसे बचें? 

इंटरनेट पर पीएम कुसुम योजना के नाम पर कई फर्जी वेबसाइट्स, फर्जी अप्रूवल लेटर और मोबाइल ऐप्स सक्रिय हैं, जो किसानों से रजिस्ट्रेशन और सोलर पंप देने के नाम पर मोटी रकम ठगते हैं। हमेशा याद रखें कि भारत सरकार की सभी आधिकारिक वेबसाइट्स के अंत में .gov.in होता है। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या निजी बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें और केवल आधिकारिक राज्य पोर्टल्स का ही उपयोग करें।

निष्कर्ष (Conclusion: Is PM Kusum Yojana worth it?) 

PM Kusum Yojana 2026 न केवल भारतीय किसानों को महंगे डीजल और रात के समय बिजली आने की परेशानी से मुक्ति दिला रही है, बल्कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने में भी बड़ा योगदान दे रही है। 60% से लेकर 90% तक की भारी सब्सिडी के कारण यह योजना हर छोटे-बड़े किसान के लिए बेहद किफायती और फायदेमंद है।

यह योजना हमारे किसानों को सच में ‘अन्नदाता से ऊर्जादाता’ बनने का बेहतरीन मौका देती है। अगर आप भी अपनी खेती की लागत को कम करके मुनाफे को बढ़ाना चाहते हैं, तो बिना देरी किए अपने राज्य की नोडल एजेंसी की वेबसाइट पर जाकर इसके लिए आवेदन जरूर करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ’s – People Also Ask) 

Q1. पीएम कुसुम योजना की आखिरी तारीख क्या है? 

Ans.सरकार ने इस योजना के सभी घटकों के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की अंतिम समय सीमा को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया है।

Q2. क्या बंजर जमीन वाले लोग भी इससे कमा सकते हैं? 

Ans.जी हां, Component-A के तहत यदि आपके पास बंजर या कम उपजाऊ भूमि है, तो आप उस पर सोलर प्लांट लगवाकर बिजली कंपनियों को बिजली बेच सकते हैं और 25 वर्षों तक नियमित आय प्राप्त कर सकते हैं।

Q3. आवेदन के बाद सोलर पंप कितने दिनों में लग जाता है? 

Ans.आवेदन की स्वीकृति और किसान के हिस्से की राशि (टोकन मनी) जमा होने के बाद, आमतौर पर नोडल एजेंसी द्वारा 45 से 90 दिनों के भीतर वेंडर के माध्यम से खेत पर सोलर पंप इंस्टॉल कर दिया जाता है।

Disclaimer

यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के लिए है। हम (हमारी वेबसाइट) किसी भी सरकारी संस्था या मंत्रालय से नहीं जुड़े हैं। पीएम कुसुम योजना की सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए कृपया हमेशा भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल (pmkusum.mnre.gov.in) पर जाएं और आधिकारिक नियमों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

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Bablu Kumar

नमस्ते, मैं बबलू कुमार हूँ। मैंने 2022 में PCM विषय से BSc पूरी की है इस वेबसाइट पर मैं आपके लिए सरकारी नौकरी, सरकारी योजना, एडमिट कार्ड, रिजल्ट और परीक्षा की तैयारी से जुड़ी सही और तेज जानकारी लाता हूँ। मेरा मकसद है कि कोई भी जरूरी भर्ती या योजना आपसे छूटे नहीं।

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