Up Free Boring Yojana 2026: ऑनलाइन फॉर्म, पात्रता, सब्सिडी, 21 दिन में DBT

By: Bablu Kumar

On: May 15, 2026

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Up Free Boring Yojana 2026

यूपी सरकार ने किसानों की सिंचाई समस्या को दूर करने के लिए यूपी फ्री बोरिंग योजना 2026 की शुरुआत की है। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को अपने खेत में बोरिंग कराने के लिए सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है।

Up Free Boring Yojana 2026 में आवेदन प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इस योजना का लाभ SC/ST तथा सामान्य वर्ग के सीमांत किसानों को दिया जाता है। सरकार द्वारा बोरिंग के लिए 10,000 रुपये तक और पंपसेट के लिए 5,650 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

Up Free Boring Yojana 2026: एक नजर में

2026-27 का बजट 826 करोड़ रुपए है। टारगेट 1.8 लाख बोरिंग। 2025-26 में 2,14,380 में से 1,43,090 फॉर्म रिजेक्ट हुए थे। रिजेक्शन रेट 66.7%।

पॉइंट2026 का अपडेट
योजना शुरू1 अक्टूबर 2026
आखिरी तारीख28 फरवरी 2027
SC/ST सब्सिडी10,000 रु बोरिंग + 5,650 रु पंपसेट
सीमांत किसान7,000 रु बोरिंग + 5,650 रु पंपसेट
नया पोर्टलscheme.jjmup.org
नई शर्तपारदर्शी किसान ID अनिवार्य
DBT टाइम21 दिन PFMS से

यूपी फ्री बोरिंग योजना में कितना पैसा मिलेगा? जेब से कितना लगेगा

यूपी फ्री बोरिंग योजना के नाम से लगता है पूरा फ्री है। ग्राउंड पर ऐसा नहीं है। सरकार लागत में मदद करती है।

SC/ST वर्ग को 10,000 रुपए तक बोरिंग के लिए मिलते हैं। सामान्य वर्ग के सीमांत किसान को 7,000 और लघु किसान को 5,000। 1 HP से 3 HP का पंपसेट लगवाने पर 5,650 रुपए अलग से मिलते हैं।

अक्टूबर 2026 का असली खर्च: लखनऊ में 90 मीटर 90mm PVC बोरिंग 23,000 से 25,000 में हो रही है। बुंदेलखंड में पानी 50 मीटर नीचे है। वहां 29,000 से 33,000 लग जाता है।

हिसाब समझो: तुम SC/ST हो। बिल 26,000 का बना। सब्सिडी 10,000 मिलेगी। 16,000 तुम्हें देना है। मोटर 8,000 की। कुल 24,000 जेब से तैयार रखो।

यूपी फ्री बोरिंग योजना 2026 में “तक” शब्द जरूरी है। 70 से 100 मीटर गहराई पर फुल सब्सिडी। 60 मीटर पर पानी मिल गया तो 10,000 की जगह 6,000 मिलेगा। JE मशीन से गहराई नापता है।

यूपी फ्री बोरिंग योजना 2026: 2026 की 7 पक्की पात्रता शर्तें

JE ने बताया फॉर्म देखते ही ये 7 चीजें टिक करता है। एक गलत तो रिजेक्ट।

  1. UP का निवासी: आधार कार्ड में उत्तर प्रदेश का पता होना चाहिए।
  2. खुद के नाम 0.2 हेक्टेयर जमीन: यानी 40 डिसमिल। खतौनी में तुम्हारा नाम हो। पिता के नाम है तो पहले नामांतरण कराओ। बटाईदार को यूपी फ्री बोरिंग योजना का लाभ नहीं मिलता।
  3. पारदर्शी किसान ID: upagripardarshi.gov.in पर बनती है। आधार OTP से 5 मिनट में बन जाती है। 12 अंकों की ID मिलती है। 2026 से इसके बिना फॉर्म सबमिट नहीं होगा। पोर्टल एरर दे देता है।
  4. NPCI-DBT इनेबल: बैंक खाता आधार से लिंक होना काफी नहीं है। _99_99# डायल करो। स्क्रीन पर बैंक का नाम आना चाहिए। “No bank mapped” लिखा आए तो बैंक जाकर “Aadhaar Seeding for DBT” फॉर्म भरो। यूपी फ्री बोरिंग योजना का 19% पैसा इसी से वापस जाता है।
  5. एक परिवार एक बोरिंग: परिवार ID से चेक होता है। पति-पत्नी ने अलग अप्लाई किया तो दोनों कैंसल।
  6. पहले लाभ न लिया हो: PM-KUSUM, नलकूप योजना ले चुके हो तो नहीं मिलेगा। विभाग के पास 2015 से का डेटा है।
  7. 200 मीटर दायरा खाली: हैंडपंप या पुराने बोर से 200 मीटर दूर होनी चाहिए। JE स्पॉट पर GPS से नापता है। घर के आंगन में नहीं बनेगी।

66.7% फॉर्म रिजेक्ट क्यों होते हैं? 7 असली वजह

2025-26 की RTI रिपोर्ट से मिला डेटा। JE ने कन्फर्म किया:

  1. पुरानी खतौनी: 28% रिजेक्ट। 6 महीने से नई नकल तहसील से निकालो। 30 रुपए फीस है। ऑनलाइन वाली भी चलेगी पर QR कोड स्कैन होना चाहिए।
  2. खसरा मिसमैच: 43% रिजेक्ट। सबसे ज्यादा फॉर्म यहीं कटते हैं। फॉर्म में 245/1 और खतौनी में 245/2। एक अंक का फर्क और फाइल वापस।
  3. NPCI फेल: 19% रिजेक्ट। DBT चालू नहीं है तो PFMS से पैसा निकलकर 7 दिन में वापस चला जाता है। फिर दोबारा प्रोसेस शुरू करो।
  4. पारदर्शी किसान ID नहीं: 31% रिजेक्ट। 2026 में ये सबसे बड़ा कारण बनेगा। लोग बिना ID के फॉर्म भर देते हैं।
  5. गलत जियो-टैग फोटो: 11% रिजेक्ट। JE 4 फोटो लेता है। खेत का ओवरव्यू, बोरिंग पॉइंट, किसान आधार के साथ, नजदीकी मील का पत्थर। तुमने फॉर्म में घर की फोटो लगा दी तो रिजेक्ट।
  6. TDS ज्यादा: 6% रिजेक्ट। बोरिंग के बाद पानी टेस्ट होता है। TDS 1500 से ज्यादा या खारा निकला तो पंपसेट की 5,650 सब्सिडी कैंसल हो जाती है। पहले जल निगम से 200 रुपए में जांच करा लो।
  7. बिजली कनेक्शन नहीं: 9% रिजेक्ट। मीटर तुम्हारे नाम हो। नया कनेक्शन अप्लाई किया है तो रसीद लगाओ।

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Up Free Boring Yojana 2026: ऑनलाइन आवेदन स्टेप-बाय-स्टेप

मैंने 5 दिन पहले चाचा का फॉर्म भरा। जो प्रोसेस फॉलो किया वही बता रहा हूँ।

स्टेप 1: पारदर्शी किसान ID बनाओ

मोबाइल में upagripardarshi.gov.in खोलो। नया पंजीकरण पर क्लिक करो। आधार नंबर, OTP डालो। जमीन का खसरा नंबर, रकबा, बैंक अकाउंट, IFSC भरो। सबमिट करते ही 12 अंकों की ID SMS से आ जाएगी। स्क्रीनशॉट ले लेना।

स्टेप 2: दस्तावेज तैयार करो

आधार कार्ड, राशन कार्ड, 6 महीने से नई कंप्यूटराइज्ड खतौनी, बैंक पासबुक का पहला पेज, 2 पासपोर्ट फोटो, तहसील से बना आय प्रमाण पत्र, SC/ST हो तो जाति प्रमाण पत्र, किसान ID का प्रिंट, बिजली बिल। ध्यान रखना आधार, पासबुक और खतौनी तीनों में नाम की स्पेलिंग एक जैसी हो।

स्टेप 3: फॉर्म डाउनलोड करो

scheme.jjmup.org खोलो। ये 2026 का नया पोर्टल है। पुराना minorirrigationup.gov.in भी चल रहा है। “योजना” सेक्शन में यूपी फ्री बोरिंग योजना चुनो। 2 पेज का PDF डाउनलोड करके प्रिंट निकाल लो।

स्टेप 4: फॉर्म भरो

14 कॉलम हैं। नीले या काले बॉल पेन से कैपिटल में भरो। नाम, पिता का नाम, ग्राम, ब्लॉक, तहसील, जिला। खसरा नंबर, गाटा संख्या, रकबा बिल्कुल खतौनी से देखकर लिखो। मोबाइल नंबर वही दो जो आधार में है। कटिंग, व्हाइटनर अलाउड नहीं है। गलती हो तो नया प्रिंट निकालो।

स्टेप 5: ब्लॉक में जमा करो

सभी दस्तावेज सेल्फ अटेस्ट करके फॉर्म के साथ लगा दो। अपने ब्लॉक के लघु सिंचाई विभाग कार्यालय जाओ। वहां जूनियर इंजीनियर बैठता है। उसी को हाथ में फॉर्म दो। जमा करने के बाद JE से “डायरी नंबर” वाली पावती रसीद मांगना। उस पर तारीख और JE का साइन होगा। यही तुम्हारा प्रूफ है।

Up Free Boring Yojana 2026: 21 दिन में DBT, पूरी टाइमलाइन 2026

Day 1 से 15

फॉर्म जमा करने के बाद JE फोन करेगा। खेत पर विजिट करेगा। GPS से लोकेशन लेगा। 4 जियो-टैग फोटो खींचेगा। आधार OTP लेकर वेरिफाई करेगा।

Day 16 से 30

JE की रिपोर्ट जिला लघु सिंचाई अधिकारी के पास जाएगी। अप्रूव हुआ तो मोबाइल पर SMS आएगा: “Approved/UPFBS/2026/Diary No XXXX”।

Day 31 से 60

अप्रूवल के बाद विभाग का सूचीबद्ध ठेकेदार कॉल करेगा। 3-4 दिन में बोरिंग मशीन लेकर आएगा। पाइप, लेबर सब उसका। तुम प्राइवेट से नहीं करा सकते। कराया तो पैसा नहीं मिलेगा।

Day 61 से 82

बोरिंग कंप्लीट होने पर JE फाइनल फोटो अपलोड करेगा। उसके 21 दिन के अंदर PFMS से सब्सिडी सीधे खाते में आ जाएगी। SMS आएगा: “Rs 10000 credited to A/c XXXX for UP Free Boring Yojana”।

स्टेटस चेक करना है तो minorirrigationup.gov.in खोलो। “आवेदन की स्थिति” पर क्लिक करो। डायरी नंबर डालो।

यूपी फ्री बोरिंग योजना 2026: 6 ग्राउंड रूल जो कोई नहीं बताता

  1. पानी का लेवल 8 मीटर से नीचे: JE वाटर लेवल इंडिकेटर से चेक करता है। 5-6 मीटर पर पानी है तो यूपी फ्री बोरिंग योजना में रिजेक्ट करके हैंडपंप योजना में डाल देगा।
  2. ठेकेदार विभाग का फिक्स: हर जिले में 3-4 फर्म को लाइसेंस मिला है। लखनऊ में M/s Gupta Tubewell है। अपने जानने वाले से सस्ते में करा लिया तो बिल रिजेक्ट।
  3. 6 महीने गारंटी का नियम: बोरिंग सूख जाए तो 6 महीने तक फ्री रि-बोरिंग है। शर्त है कि महीने में 10 दिन बोर चलाना पड़ेगा। JE एक लॉगबुक देता है। हर महीने मीटर रीडिंग लिखकर JE से साइन कराना है।
  4. सब्सिडी दो किस्त में: पहली किस्त बोरिंग कंप्लीट होने पर 5,000 से 10,000। दूसरी किस्त पंपसेट लगाने पर 5,650। दूसरी किस्त के लिए ISI मार्क मोटर का 18% GST वाला बिल और बोर के पास मोटर लगी हुई जियो-टैग फोटो देनी है।
  5. जगह का नियम: आबादी या लाल डोरा की जमीन पर बोरिंग नहीं होगी। खेत आबादी से 50 मीटर दूर होना चाहिए।
  6. मार्च कटऑफ: 1 मार्च 2027 के बाद अप्लाई करोगे तो फाइल अगले फाइनेंशियल ईयर 2027-28 के बजट में जाएगी। पैसा अक्टूबर 2027 में आएगा।

जिलेवार 90 मीटर बोरिंग रेट Oct 2026

जिलावाटर लेवलरेटकमेंट
लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर12-15m23,000-25,000खर्च कम
झांसी, बांदा, चित्रकूट40-55m29,000-33,000100m+ जरूरी
मेरठ, सहारनपुर8-12m21,000-23,000सबसे सस्ता
गोरखपुर, देवरिया15-25m24,000-27,000TDS चेक जरूरी

बुंदेलखंड के किसानों के लिए यूपी फ्री बोरिंग योजना फायदे की नहीं है। 100 मीटर पर भी पानी की गारंटी नहीं। उनके लिए “मुख्यमंत्री गहरे नलकूप योजना” है। उसमें 1.78 लाख रुपए मिलते हैं।

निष्कर्ष – Up Free Boring Yojana 2026

यूपी फ्री बोरिंग योजना 2026 छोटे और सीमांत किसानों के लिए सिंचाई का सबसे तेज समाधान है। 1 अक्टूबर 2026 से नए नियमों के साथ शुरू हुई है।

SC/ST को 15,650 रुपए और सामान्य सीमांत को 12,650 रुपए तक मदद मिलती है। पर ग्राउंड रियलिटी ये है कि 90 मीटर बोरिंग का खर्च 25,000 औसत है। 15,000 रुपए अपनी जेब से लगाने पड़ेंगे।

रिजेक्ट होने से बचने के लिए तीन काम आज ही करो।

  1. पहला, upagripardarshi.gov.in से पारदर्शी किसान ID बनाओ।
  2. दूसरा, तहसील से 6 महीने से नई खतौनी निकलवाओ।
  3. तीसरा, _99_99# डायल करके NPCI मैपिंग कन्फर्म करो।

28 फरवरी 2027 आखिरी तारीख है, पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच अप्लाई करो। बजट पहले खत्म हो जाता है। scheme.jjmup.org से फॉर्म डाउनलोड करके ब्लॉक में JE को जमा कर दो।

यूपी फ्री बोरिंग योजना 2026: जरूरी सवाल जवाब

1. यूपी फ्री बोरिंग योजना 2026 की आखिरी तारीख क्या है?

28 फरवरी 2027 है। लेकिन बजट दिसंबर तक 80% खत्म हो जाता है।

2. पारदर्शी किसान ID कहां बनेगी?

upagripardarshi.gov.in पर। आधार OTP से 5 मिनट में बन जाती है।

3. NPCI मैपिंग कैसे चेक करें?

मोबाइल से _99_99# डायल करो। बैंक का नाम स्क्रीन पर आना चाहिए।

4. 0.2 हेक्टेयर से कम जमीन है तो क्या करें?

3 किसान मिलकर समूह बनाकर अप्लाई कर सकते हैं। 100 रुपए के स्टाम्प पेपर पर एग्रीमेंट लगेगा।

5. बोरिंग सूख जाए तो गारंटी मिलेगी?

हां। 6 महीने तक फ्री रि-बोरिंग है। शर्त है कि लॉगबुक मेंटेन की हो।

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Bablu Kumar

नमस्ते, मैं बबलू कुमार हूँ। मैंने 2022 में PCM विषय से BSc पूरी की है और SSC CHSL 2021 Exam Clear परीक्षा उत्तीर्ण की है। इस वेबसाइट पर मैं आपके लिए सरकारी नौकरी, सरकारी योजना, एडमिट कार्ड, रिजल्ट और परीक्षा की तैयारी से जुड़ी सही और तेज जानकारी हिंदी में लाता हूँ। मेरा मकसद है कि कोई भी जरूरी भर्ती या योजना आपसे छूटे नहीं।

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