मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना है। 14 सितंबर 2019 को शुरू हुई इस योजना में दुर्घटना से किसान की मृत्यु या दिव्यांग होने पर परिवार को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलती है।
2026 का सबसे बड़ा अपडेट: राजस्व परिषद फरवरी 2026 तक इस योजना का पूरा डिजिटल पोर्टल लॉन्च कर रही है। ADM वित्त राम अक्षयबर चौहान ने बताया कि NIC के सहयोग से बन रहा ये पोर्टल आवेदन, सत्यापन, स्वीकृति और भुगतान को एक जगह लाएगा। इसके बाद तहसील के चक्कर खत्म हो जाएंगे। पैसा DBT से 21 दिन में सीधे खाते में आएगा।
वित्तीय वर्ष 2025-26 का स्टेटस: राजस्व विभाग ने अब तक 873.58 करोड़ रुपये की राशि 18,145 लाभार्थी परिवारों को वितरित की है। योजना शुरू होने से अब तक 1.08 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं। दिसंबर 2025 तक कुल 29,394 आवेदन स्वीकृत किए गए।
Mukhyamantri Krishak Durghatna Yojana 2026 में कितनी सहायता राशि मिलती है
इस योजना में किसान को कोई प्रीमियम नहीं देना होता। पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है। यह बीमा नहीं, सरकारी अनुदान है।
| दुर्घटना की स्थिति | सहायता राशि | जरूरी दस्तावेज |
| मृत्यु होने पर | 5,00,000 रुपये | पोस्टमार्टम रिपोर्ट, FIR |
| 100% स्थायी दिव्यांगता | 5,00,000 रुपये | CMO का दिव्यांगता प्रमाण पत्र 100% |
| 50% से 100% के बीच दिव्यांगता | 2,50,000 रुपये | CMO प्रमाण पत्र 50% से ऊपर |
| 25% से 50% के बीच दिव्यांगता | 1,25,000 रुपये | CMO प्रमाण पत्र 25% से ऊपर |
महत्वपूर्ण: दिव्यांगता का प्रतिशत मुख्य चिकित्सा अधिकारी यानी CMO तय करता है। प्राइवेट डॉक्टर का सर्टिफिकेट मान्य नहीं है।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 2026: कौन पात्र है
2023-24 से पहले सिर्फ खातेदार किसान कवर थे। योगी सरकार ने नियम बदला। अब दायरा बड़ा है।
1. पात्र व्यक्ति
उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी। उम्र 18 वर्ष से 70 वर्ष के बीच। निम्नलिखित में से कोई एक होना चाहिए:
- खातेदार किसान
- सह-खातेदार
- बटाईदार – बटाईनामा 6 महीने पुराना हो
- भूमिहीन खेतिहर श्रमिक – ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र जरूरी
- मत्स्य पालक, पशुपालक जो खेती से जुड़े हों
सरकारी कर्मचारी, आयकर दाता के परिवार कवर नहीं हैं।
2. कवर होने वाली दुर्घटनाएं
- सड़क दुर्घटना, रेल दुर्घटना
- बिजली का करंट लगना
- आग में जलना
- पानी में डूबना
- सांप, बिच्छू काटना
- आसमानी बिजली गिरना
- जंगली जानवर का हमला – नीलगाय, सूअर, बंदर
- ट्रैक्टर, थ्रेशर, हार्वेस्टर जैसी कृषि मशीन से चोट
- कुएं, बोरवेल में गिरना
- मकान, दीवार गिरने से दुर्घटना
कवर नहीं होंगी: आत्महत्या, प्राकृतिक मौत, हार्ट अटैक, बीमारी से मौत, नशे की हालत में दुर्घटना, आपराधिक गतिविधि में चोट।
3. आवेदन की समय-सीमा: 75 दिन का नियम
दुर्घटना की तारीख से 75 दिन के अंदर SDM कार्यालय में आवेदन देना अनिवार्य है।
पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 13 अप्रैल 2026 को एक अहम फैसला दिया। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने कहा कि सिर्फ देरी के आधार पर दावा खारिज करना प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है। यदि आवेदक अस्पताल में भर्ती था, कागज बनने में देरी हुई, या जानकारी नहीं थी, तो कारण बताकर आवेदन स्वीकार किया जाएगा। कोर्ट ने कहा ग्रामीण किसान कानूनी जानकारी नहीं रखते, इसलिए तकनीकी आधार पर हक नहीं छीना जा सकता।
Mukhyamantri Krishak Durghatna Yojana के लिए दस्तावेज चेकलिस्ट
एक भी कागज कम या गलत हुआ तो फाइल 6 महीने लटक जाएगी। ये लिस्ट सेव कर लो:
- मृतक/दिव्यांग का आधार कार्ड – मोबाइल लिंक होना चाहिए।
- मृत्यु प्रमाण पत्र + पोस्टमार्टम रिपोर्ट – PM रिपोर्ट में “दुर्घटना” शब्द होना चाहिए। “प्राकृतिक” लिखा तो रिजेक्ट।
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र – सिर्फ CMO कार्यालय से। प्रतिशत साफ लिखा हो।
- खतौनी की प्रमाणित नकल – 6 महीने से पुरानी न हो। ऑनलाइन निकलवा लो।
- बटाईनामा – बटाईदार के लिए। 6 महीने पुराना और ग्राम प्रधान से सत्यापित।
- भूमिहीन प्रमाण पत्र – ग्राम प्रधान से। लिखा हो “आवेदक खेतिहर श्रमिक है”।
- वारिसान प्रमाण पत्र – परिवार रजिस्टर की नकल के आधार पर तहसील से बनता है।
- बैंक पासबुक – आवेदक के नाम। IFSC कोड और खाता संख्या साफ दिखे। मृतक का खाता बंद है तो वारिस का खाता लगेगा।
- FIR या पुलिस पंचनामा – थाने से। घटना का समय, जगह मैच होनी चाहिए।
- शपथ पत्र – 10 रुपये के स्टाम्प पर। लिखा हो कि अन्य किसी योजना से लाभ नहीं लिया।
फरवरी 2026 से ये सभी दस्तावेज PDF में 200 KB से कम साइज में अपलोड करने होंगे।
Mukhyamantri Krishak Durghatna Yojana 2026: ऑनलाइन Apply प्रक्रिया
वर्तमान ऑफलाइन तरीका
फॉर्म SDM कार्यालय से मिलता है। भरकर लेखपाल को दें। लेखपाल मौका मुआयना करके रिपोर्ट लगाता है। फिर कानूनगो, नायब तहसीलदार, SDM, DM से होते हुए राजस्व परिषद जाता है। 3-4 महीने लगते हैं।
फरवरी 2026 से ऑनलाइन तरीका
राजस्व परिषद का पोर्टल up.gov.in पर लाइव होगा।
स्टेप 1: पोर्टल खोलें। मोबाइल नंबर और OTP से रजिस्टर करें।
स्टेप 2: आधार नंबर डालें। खतौनी का डेटा, नाम, पता ऑटोमैटिक आ जाएगा।
स्टेप 3: दुर्घटना का विवरण भरें – तारीख, समय, स्थान, कैसे हुई, थाने का नाम।
स्टेप 4: सभी दस्तावेज स्कैन करके PDF में अपलोड करें। फोटो JPG में।
स्टेप 5: सबमिट करें। URN नंबर SMS और ईमेल पर आएगा।
फायदा: हर स्टेप की ट्रैकिंग होगी। लेखपाल ने 7 दिन में रिपोर्ट नहीं लगाई तो SMS से रिमाइंडर जाएगा। SDM 15 दिन में निपटारा न करे तो DM को अलर्ट जाएगा। पैसा PFMS से सीधे खाते में।
Mukhyamantri Krishak Durghatna Yojana: जिला-वार लाभार्थी डेटा 2025-26
दिसंबर 2025 तक 29,394 आवेदन स्वीकृत हुए। टॉप 5 जिले:
| मंडल | स्वीकृत आवेदन | वितरित राशि |
| लखनऊ मंडल | 3,569 | 171.31 करोड़ |
| गोरखपुर मंडल | 3,143 | 150.86 करोड़ |
| अयोध्या मंडल | 2,491 | 119.56 करोड़ |
| कानपुर मंडल | 2,436 | 116.92 करोड़ |
| वाराणसी मंडल | 2,198 | 105.50 करोड़ |
सबसे कम बुंदेलखंड में – झांसी मंडल में सिर्फ 987 आवेदन। कारण: जानकारी की कमी।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना: वर्षवार बजट विश्लेषण
सरकार हर साल बजट बढ़ा रही है। इससे पता चलता है योजना की प्राथमिकता।
| वित्तीय वर्ष | बजट आवंटन | कुल लाभार्थी | प्रति परिवार औसत |
| 2020-21 | 500 करोड़ | 11,275 | 4.43 लाख |
| 2021-22 | 600 करोड़ | 13,645 | 4.39 लाख |
| 2022-23 | 650 करोड़ | 15,231 | 4.26 लाख |
| 2023-24 | 950 करोड़ | 23,821 | 3.98 लाख |
| 2024-25 | 1000 करोड़ | 25,575 | 3.91 लाख |
| 2025-26 | 1050 करोड़ | 11,690 अब तक | 4.81 लाख |
2023-24 में उछाल क्यों: इसी साल भूमिहीन किसान जोड़े गए। इसलिए लाभार्थी 15 हजार से 23 हजार हो गए।
आवेदन रिजेक्ट होने की 5 बड़ी वजह और समाधान
- 75 दिन बाद आवेदन: समाधान – आवेदन के साथ देरी का शपथ पत्र लगाएं। अस्पताल की पर्ची, दवा की बिल संलग्न करें। हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी लगा दें।
- पोस्टमार्टम में प्राकृतिक मौत: समाधान – अगर दुर्घटना थी तो डॉक्टर से दोबारा रिपोर्ट लिखवाएं। विसरा रिपोर्ट कराएं। FIR और PM रिपोर्ट में विरोधाभास नहीं होना चाहिए।
- बैंक IFSC गलत: समाधान – पासबुक की फोटो कॉपी लगाएं। कैंसिल चेक लगाएं। मृतक का खाता बंद है तो वारिस के नाम नया खाता खुलवाकर लगाएं।
- खतौनी में नाम नहीं: समाधान – वरासत दर्ज कराएं। बटाईदार हैं तो 6 महीने पुराना बटाईनामा जरूरी है।
- दुर्घटना कवर नहीं: समाधान – आत्महत्या, हार्ट अटैक के केस में Apply न करें। समय बर्बाद होगा।
RTI से स्टेटस कैसे लें: अगर 90 दिन में पैसा नहीं आया तो SDM कार्यालय में RTI लगा दो। पूछो “मेरा URN नंबर XXXX किस स्तर पर लंबित है”। 30 दिन में जवाब देना बाध्य हैं।
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मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना vs अन्य राज्य
| राज्य | योजना का नाम | अधिकतम राशि | ऑनलाइन |
| उत्तर प्रदेश | कृषक दुर्घटना कल्याण | 5 लाख | फरवरी 2026 से |
| मध्य प्रदेश | मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण | 4 लाख | हाँ |
| राजस्थान | राज किसान साथी | 2 लाख | हाँ |
| बिहार | बिहार राज्य फसल सहायता | 1 लाख | हाँ |
UP की राशि सबसे ज्यादा है। फरवरी 2026 के बाद प्रोसेस भी सबसे फास्ट होगी।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सबसे मजबूत सामाजिक सुरक्षा है। 5 लाख की राशि परिवार को टूटने से बचाती है। फरवरी 2026 से पोर्टल लॉन्च होने पर पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार खत्म होगा।
पात्र किसान दुर्घटना के 75 दिन के अंदर सभी दस्तावेजों के साथ आवेदन करें। भूमिहीन और बटाईदार भी न चूकें। किसी दलाल को पैसा न दें – योजना पूरी तरह निशुल्क है।
Mukhyamantri Krishak Durghatna Yojana 2026 से जुड़े सवाल
Q1. मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में कितनी राशि मिलती है?
दुर्घटना में मृत्यु या 100% स्थायी दिव्यांगता पर 5 लाख रुपये। 50% से 100% के बीच दिव्यांगता पर 2.50 लाख और 25% से 50% के बीच 1.25 लाख रुपये मिलते हैं।
Q2. क्या भूमिहीन मजदूर और बटाईदार पात्र हैं?
हाँ। 2023-24 से भूमिहीन किसान, बटाईदार और खेतिहर श्रमिक भी योजना में शामिल हैं। ग्राम प्रधान द्वारा जारी खेतिहर श्रमिक प्रमाण पत्र जरूरी है।
Q3. आवेदन की Last Date क्या है?
दुर्घटना की तारीख से 75 दिन के अंदर आवेदन करना अनिवार्य है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के 13 अप्रैल 2026 के आदेश अनुसार वाजिब कारण होने पर देरी माफ हो सकती है।
Q4. ऑनलाइन पोर्टल कब से शुरू होगा?
राजस्व परिषद के अनुसार फरवरी 2026 तक पोर्टल पूरी तरह क्रियाशील कर दिया जाएगा। NIC इसे विकसित कर रहा है।
Q5. क्या बीमारी से मौत पर लाभ मिलता है?
नहीं। सिर्फ दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता कवर है। प्राकृतिक मौत, हार्ट अटैक, कैंसर, आत्महत्या कवर नहीं।
Q6. सहायता राशि कितने दिन में मिलती है?
वर्तमान ऑफलाइन प्रक्रिया में 3-4 महीने लगते हैं। डिजिटल पोर्टल शुरू होने के बाद 21 दिन में DBT से भुगतान का लक्ष्य है।
Q7. अगर SDM आवेदन रोक दे तो क्या करें?
90 दिन बाद RTI दाखिल करें। CM हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत करें। जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दें।
